समुद्री तूफान हरिकेन के साए में
समुद्री तूफान हरिकेन के साए
में
हम टेंपा ( अमेरिकावासी ) इस
समय समुद्री तूफान
हरिकेन की चेतावनी के साए में हैं।सवेरे से बारिश हो रही है।
बीते शुक्रवार को मौसम विभाग
की चेतावनी आई थी कि वृहस्पतिवार दुपहर हरिकेन आएगा।
इसका असर शुक्रवार और शनिवार
को भी
रहेगा। हवाए तेज चलेंगी । जोरदार बारिश होगा।
बताया गया था कि बारिश एक से दो फिट
तक हो सकती है। तूफान के दौरान तेज हवा चलने से मकान को नुकसान पहुंच सकता
है। छत उड़ सकती हैं। बिजली
पानी बंद हो सकता है।
चेतावनी आने के बाद ही लोगों ने घरों में खाने पीने का सामान संग्रह करना शुरू कर दिया।हालत यह रही कि शुक्रवार की शाम को ही स्टोर से ब्रेड गायब हो
चुकी थी।स्कूल काँलेज दो दिन के
लिए बंद हैं।शनिवार और रविवार का
यहां अवकाश होता
ही है। सो स्कूल− काँलेज अब सोमवार
को खुलेंगे।
यहां लकड़ी के मकान होते
हैं। इनके दरवाजे और खिड़की कांच
के । मकान खरीदने या किराए पर मिलते
समय इन दरवाजों और खिड़कियों पर लगने
वाले शटर भी मिलते हैं।शटर
प्रत्येक खिड़की पर लगने वाली टिन की चादर होती हैं। ये अलग
खिड़की की अलग होती है।खिड़की के किनारे
पेंच फिकस होते हैं,इन पेंच को हटाइए
और उस खिड़की के लिए निर्धारित चादर
रखकर पेंच खींच दीजिए। एक खिड़की पर शटर लगाने में ज्यादा से
ज्यादा पंद्रह बीस मिनट लगतें हैं।
यहां लेबर बहुत मंहगी है।खिड़की
पर शटर लगाने के लिए पता करने पर बताया गया कि एक खिड़की का 60 डालर देना
होगा। हमारे घर की 16 खिड़की और
दरवाजे हैं।यदि इन पर किसी से शटर
लगवाए तो 960
डालर देने होंगे। तूफान खत्म होने के बाद
उतारने के भी। सो ये काम यहां
रहने वाले खुद करते हैं। मिलने वाले और पड़ौसी भी
एक दूसरे की मदद करते हैं।
यहां के रहने वाले घर से बहुत
कम निकलते हैं। वे घूमने जाते हैं।
या कुत्ता घुमाते हैं।
कल से सब घर के बाहर दिखाई दे
रहे हैं। घरों पर शटर लगाते हुए। तूफान
आने का तनाव तो है,
पर सब सुरक्षा व्यवस्था करते
आनन्द भी ले रह हैं। परिवार में
प्रायः पति पत्नी और बच्चे ही हैं
तो मिलकर खिड़कियों पर शटर लगा रहे हैं।
हमारे घर की खिड़कियों पर शटर
लग गए।घर के पिछले दरवाजे पर रेत के बोरे
लगा दिएग गए हैं। मकान के आगे सड़क से
मकान की ऊंचाई करीब फिट है।
अब हालत यह है कि हम घर में बंद हैं। तूफान आने का इंतजार है। सब चाहते हैं कि सब ठीक −ठाक बीत जाए।लाइट जाने के लिए
रोशनी के वास्ते घर में छोटी
सोलर लाइट हैं। इन्हें चार्ज कर लिया गया है।
पीने के पानी का सबने पर्याप्त प्रबंध कर रखा
है।लाइट जाती नही , सो इंवर्टर
और जेनरेटर की यहां जरूरत नही होती।
कुछ परिवारों से घरों पर सोलर सिस्टम लगवा
रखा है। तूफान की चेतावनी के मद्देनजर कुछ
लोग सुरक्षित जगहों पर चले गए
हैं।
बारिश बहुत ज्यादा होने की
चेतावनी है तो दरवाजों के बाहर प्लाटिक की शीट बिछाकर उस पर रेत के बोरे लगाए गए है। बोरों की भी
दो −तीन परत जमाई गईं हैं।सबकी नजर मौसम विभाग के चैनल पर है,क्या हो रहा है, तूफान कब तक आएगा, कितना प्रभावी है,सब यह जानने के इच्छुक हैं।लाइट जाती है तो टीवी और इंटरनेट भी बंद हो
सकता है।
सवेरे से बारिश हो रही है। अब हवा और बारिश बढ़ गई है।घर के सब दरवाजे शटर से बंद हैं। दरवाजे − खिड़की बंद होने से कुछ बाहर का कुछ भी नही दिखाई दे रहा। आवाजाही गैराज से होकर है। यहां मोटराइज शटर लगा है। घंटे − दो घंटे में यहीं से देख लेते हैं, क्या हो रहा है।
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